जेन समाजमा नारी पूज्य रहै , जहान नारीला देवी समझयव जाहै , जेन समाज की संस्कृति की संरक्षक नारी रहै , जेन समाज मा नीति, संस्कार अना धर्म की प्रतिमूर्ति नारी रहै वोन समाज को पतन कबि नही होय सक । 


या देवी सर्वभूतेषु , नारी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥ 

.........Mahen 

Comments

Popular posts from this blog

पंवार(पोवार) समाज का परिचय और इतिहास

क्षत्रिय पोवार(पंवार) समाज

*36 कुल पोवार (पंवार) समाज की सांस्कृतिक धरोहर सरंक्षण युवाओं की स्वयंस्फूर्त प्रेरणा