डोरा मा आयो पानी
डोरा मा आयो पानी ********************** बदल गयो जमानों ; आयो डोरा मा पानी! कलयुग लक होय रही से प्रदूषणकारी हानि। आवश्यकता बढ़ी आविष्कार होसे मनमानी! बड़ी दुखित होय रही से मानव की कहानी। हो -हो लुप्त होत सब ; आवसे डोरा मा पानी:--------- पुरातनता नष्ट होय रही से ; कलयुग को कारण! विनाशकता दिस रही से ; विकराल रुप धारण। संस्कृति संस्कार मिट रही से ; कसो होये निवारण ? हों -हो हाल देख बूरो ; आवसे डोरा मा पानी::--------- खेती बाड़ी का पुराना औजार मिटाय रया सेती! नवीन कृत्रिम साधन लक होय रही से खेती। नांगर बक्खर कोहपर सब नष्ट होय रया सेती! नवीनता ला कह रया सेत सब कोन्ही प्रगति। हों -हो लुप्तता लक आवसे डोरा मा पानी:::-------- देवघर नहीं दिसत ; चवरी टवरी मिट गईं ! गाड़ो बईल जोड़ी की प्रथा चलन हट गई। हर घर घर मा बाईक कार स्कूटी आय गई! घर मा गडर नाली गतिमान होय रही ? हों -हो नहीं दिसत पशू ; आवसे डोरा मा पानी::::-------- माटी को घर मिटकन ; सिंमेट को होय गयो! घर देखो आता कई मंजिल मा बन गयो। प्लास्टिक क...