विषय:-तिज

 विषय:-तिज

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भई  चैत   अमावस

शुध्द वैशाख तृतीया

तिज ओलाच कसेती

वाच  अक्षय  तृतीया 


यन  दिवस   करणं

पितृ  देवको  दर्पण

भरो करसा,ना पूजा

पाच आंबा को अर्पण


शुध्द दिन शुध्द तिथी 

तन मन शुध्द ठेवो 

करो स्मरण पीतृको

तब आशीर्वाद पावो


तिज पासुनच सुरु

होसे चालु लाक्तखार

खेती किसानी साठीच 

चेतो होसे कास्तकार


करो खेती सुरवात

सुरू खारी खरपळा

पिके खेती चांगलीच 

दूर होय अवकळा 


गया दिवस बिसरो

करो नवी सुरवातं

दिन चांगला आयेती

व-या कालीकाको हात

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डी पी राहांगडाले 

     गोंदिया

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